पीरियड्स का कम आना क्या होता है ? इसके कारण और लक्षण जानिए

पीरियड्स कम आना
पीरियड्स कम आना

कई सारी महिलाओं को पीरियड्स कम आने की समस्या होती है, लेकिन क्या आपको पता है कि मासिक धर्म का कम आना मतलब क्या होता है ?

जब महिला के गर्भाशय की परत बढ़ने लगती है,उस समय महिला के पेट में अंडे विकसित होना शुरू हो जाते हैं, जैसे जैसे यह अंडे बड़े होने लगते हैं | इन अंडो का मिलन पुरुष शुक्राणु के साथ ना होने की वजह से महिला गर्भवती नहीं होती और जब यह अंडे परिपक्व हो जाते हैं, तो वह महिला के शरीर से बाहर निकलने के लिए तैयार होते हैं |

अंडे महिला के जनन अंग से बाहर निकलते समय खून के माध्यम से निकलते हैं, इन्हें हम आसान भाषा में पीरियड कहते है | हर महिला के शरीर में यह क्रिया हर महीने होती है |

लड़की के पीरियड वैसे देखा जाए तो कितने दिनों का और पीरियड का प्रवाह कैसे हो रहा है, इस पर निर्भर करता है |

आमतौर पर महिला के पीरियड हर 21 से 35 दिनों के अंतराल पर आते हैं | इस समय पर महिला के यौन अंग से 2 से 7 दिनों तक मासिक खून निकलता है |

लेकिन अलग-अलग परिस्थितियों की वजह से आपके मासिक चक्र में बदलाव आ सकता है | जैसे कि अधिक मेहनत करना, किसी चीज का तनाव होना , वजन में अचानक से बदलाव आना इन्हीं सब कारणों की वजह से मासिक धर्म का चक्र में बदलाव आ सकता है |

वैसे देखा जाए तो पीरियड कम आना कोई बड़ी बात नहीं है, महिलाओं का मासिक धर्म अलग-अलग चक्र में अलग अलग तरीके से आ सकता है | कई महीने ऐसे भी होते हैं जिस समय मासिक धर्म में कम खून निकलता है |

कई बार मासिक धर्म कम आना विभिन्न लक्षणों को दर्शाता है जैसे कि हार्मोन असंतुलन या फिर प्रेगनेंसी का अंदाजा इससे लग जाता है |

 मासिक धर्म कम आने का लक्षण ?

 मासिक धर्म कम आने का लक्षण
मासिक धर्म कम आने का लक्षण

मासिक धर्म के समय दो से तीन चम्मच खून निकलना आम बात है, यह हर किसी का अलग अलग हो सकता है |

मासिक धर्म का कम आना मतलब मासिक धर्म के दौरान दो से तीन चम्मच से भी कम खून का निकलना | महिलाएं मासिक धर्म कम आने का अंदाजा मेंस्ट्रूअल कप की सहायता से ले सकती है |

 पीरियड में खून आने के लक्षण :

  • मासिक धर्म के दौरान पीरियड पैड और टैंपोन का कम इस्तेमाल होने लगता है |
  • मासिक धर्म के पहले 2 दिनों के दौरान ज्यादा खून नहीं निकलना |
  • मासिक धर्म का खून निकलते समय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खून का निकलना , आम तौर पर जैसा निकलता है उस से कम निकलना |
  •  पीरियड कम दिनों के लिए होना |
  • पीरियड के दिनों के दौरान खून निकलने में देरी होना |
  • 21 दिनों के कम अंतराल पर मासिक धर्म का होना |

आपको इस बात को ध्यान में रखना है कि मासिक धर्म कम आने के कई कारण हो सकते हैं, इसलिए आपको डॉक्टर की सलाह लेनी जरूरी होती है |

अब हम जानते हैं ,

मासिक धर्म कम आने का कारण क्या है ?

मासिक धर्म कम आने का कारण
मासिक धर्म कम आने का कारण

वैसे देखा जाए तो पीरियड्स के दौरान कम खून निकलना कई कारणों की वजह से होता है जैसे कि :

उम्र की वजह से:

हर महिला का मासिक चक्र उसके शरीर पर निर्भर होता है और सबसे ज्यादा यह उसकी उम्र पर निर्भर होता है | लड़की जब पहली बार पीरियड में आती है उस समय उसके मासिक धर्म मे बहुत सारा बदलाव होता है |

जैसे जैसे महिला बड़ी होती जाती है वैसे वैसे मेनोपॉज होने का समय नजदीक आते जाता है | मेनोपॉज आने से पहले महिला के मासिक धर्म पर बदलाव हो सकता है जैसे कि अनियमित पीरियड या फिर पीरियड का कम आना क्योंकि इस समय महिला के शरीर में हार्मोन का असंतुलन हो जाता है |

ओवुलेशन का समय कम होने की वजह से :

महिला के शरीर से जब अंडे बाहर निकलते हैं तब वह खून के माध्यम से निकलते हैं और उन्हें पीरियड कहां जाता है | यदि महिला के शरीर में अंडे सही से विकसित नहीं हो रहे हैं और उसे ओवुलेशन के समय में बदलाव हो सकता है और इसी के कारण मासिक धर्म कम आने लगता है |

अचानक वजन में बदलाव :

ऐसा पाया गया है कि जिन महिलाओं का वजन बहुत कम या बहुत ज्यादा होता है उम्र में पीरियड का आना कम हो जाता है |

आमतौर पर यह शरीर में फैट का बढ़ने की वजह से या चर्बी का घटने की वजह से होता है | अधिक मात्रा में परिश्रम करने की वजह से वजन में कमी आती है और कम मात्रा में काम करना और ज्यादा खाने की वजह से मोटापे की समस्या के कारण मासिक धर्म में कम ब्लड निकल सकता है |

गर्भावस्था की वजह से :

जब महिला प्रेग्नेंट होती है तब उसके शरीर से बाहर निकलना बंद हो जाते हैं उस समय पर पहले कुछ दिनों के लिए महिला का मासिक धर्म में बदलाव आ सकता है | प्रेगनेंसी होने से पहले महिला के पीरियड्स आना बंद हो जाता है या फिर शुरुआती दिनों में महिला के पीरियड मैं बहुत कम मात्रा में खून निकलता है |

तनाव की वजह से :

ज्यादातर महिलाएं अधिक तनाव लेने की वजह से अपने पीरियड में बदलाव महसूस करती है | महिला के शरीर में हार्मोन का संतुलन ना बनने के कारण उसे पीरियड साइकिल में बदलाव होता रहता है| अधिक तनाव की वजह से महिला केq शरीर से कम खून निकल सकता है |

गर्भनिरोधक गोली का सेवन करने से :

गर्भनिरोधक गोली महिला के पीरियड में बदलाव करने के लिए बहुत हानिकारक मानी गई है | जब कोई लड़की

गर्भनिरोधक गोली का सेवन करती है उस समय यह गोली उसके शरीर मैं गर्भाशय की परत को बढ़ने से रोकती है और इसी वजह से मासिक धर्म आने में देरी हो सकती है | गर्भनिरोधक गोली का सेवन करने की वजह से महिला के पीरियड्स में कमी खून निकलने की संभावना हो सकती है |

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम की वजह से :

ज्यादातर महिलाओं में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम की वजह से अपने मासिक धर्म में अनियमितता पाई गई है | पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम की वजह से हार्मोन और बदलाव के कारण महिला के शरीर में अंडे परिपक्व होने की प्रक्रिया रुक जाती है और इसी वजह से मासिक धर्म आने में कमी हो सकती है |

डॉक्टर की सलाह कब ले ?

डॉक्टर की सलाह
डॉक्टर की सलाह

कई बार महिलाएं मासिक धर्म कम आने की समस्या की वजह से परेशान होती है और वह सोचती रहती है कि मासिक धर्म का कम आने का इलाज कैसे किया जाए ? और वह तरह-तरह के घरेलू उपाय की खोज में होती है |

जब भी आपको ऐसा लगे कि आपके पीरियड में कमी हो रही है, तो आपको डॉक्टर की सलाह लेनी बहुत जरूरी होती है क्योंकि पीरियड्स कम आने पर डॉक्टर आपको सही राय दे सकते हैं |

  • अचानक से पीरियड में खून निकलने पर
  • पीरियड साइकिल में बदलाव आने पर
  • मासिक धर्म का खुलकर ना आने के कारण
  • पीरियड आने के पहले 2 दिनों में कम खून निकलने पर

अगर आपके जीवन में ऐसे कोई बदलाव महसूस हो रहे हैं तो आपको तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी आवश्यक है |

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