पीरियड में पूजा कैसे करनी चाहिए ? जानिए सच्चाई

पीरियड में पूजा
पीरियड में पूजा

आज हम पीरियड में पूजा करनी चाहिए या नहीं ? और करनी चाहिए तो कैसे करनी चाहिए ? इस विषय में बात करने वाले हैं |

आजकल के इस आधुनिक जीवन में ज्यादातर लोगों में मासिक धर्म के संबंधित कुछ अनोखे सवाल है जैसे कि पिछले समय में यानी कि हमारी माता पिता की उम्र की दौर में लोगों के मन में मासिक धर्म के संबंधित अलग विचार थे | उस जमाने में पीरियड के दौरान नहाना भी पाप माना जाता था और भगवान की पूजा को तो दूर ही रखो | लेकिन आजकल के आधुनिक जीवन में हम अंधश्रद्धा से दूर होने के कारण हमें हर किसी चीज का साइंटिफिक कारण समझ लेना चाहिए |

हमारे घर में अचानक से किसी प्रकार की पूजन होने वाला है और जो चार-पांच दिन चलने वाला है उस समय में यदि किसी लड़की को या किसी औरत को पीरियड आ जाए उसे बहुत चिंता होने लगती है | लोगों के मन में पीरियड के दौरान पूजा करना चाहिए या नहीं ? यह अपने विचारों पर निर्भर करता है |

ज्यादातर लोग पीरियड के दौरान पूजा नहीं करना चाहिए इस बात की सलाह देते हैं | ऐसा क्यों ? क्या आपको पता है ?

पीरियड में पूजा क्यों नहीं करनी चाहिए ?

पीरियड में पूजा क्यों नहीं
पीरियड में पूजा क्यों नहीं

जब महिला के हर महीने पीरियड आते हैं, तो वह शुरुआती 3 दिनों तक बहुत तकलीफ देते हैं और इस 3 दिनों में महिला के शरीर से जमा हुआ मासिक धर्म का स्राव बाहर निकलता है | शुरुआती दिनों में यह अधिक मात्रा में आता है और इस दौरान अगर कोई महिला पूजा करने बैठ जाए तो उसे कभी भी अचानक से शरीर से मासिक स्राव निकलने का एहसास होने लगता है और इसी कारण उसका मन भी नहीं लगता है, इसीलिए दरअसल महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान पूजा नहीं करना चाहिए इस बात की सलाह दी जाती है |

कई लोगों का विचार तो यह भी है कि पीरियड के दौरान महिला अपवित्र होती है, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है दोस्तों यह उसके शरीर का नेचुरल क्रिया होने के कारण इसे कोई बदल नहीं सकता | अब हम देखते है अगर मासिक धर्म में पूजा करनी भी चाहिए तो कैसे ?

पीरियड में पूजा कैसे करनी चाहिए ?

पीरियड में पूजा कैसे करनी चाहिए
पीरियड में पूजा कैसे करनी चाहिए

अगर आपका पीरियड के दौरान भी पूजा करने का मन हो रहा है, या आपके पास कोई ऑप्शन नहीं बचा है, तो आप मासिक धर्म के दौरान भी अपने मन में मंत्रों का जाप करके पूजा कर सकते हैं |

भगवान को प्रसन्न करने के लिए हमें सच्चे मन से उसकी उपासना करनी चाहिए, इसीलिए मासिक धर्म के दौरान आप अपने मन में भगवान को अच्छा से याद करके इसकी पूजा कर सकते हो |

मासिक धर्म के दौरान पीरियड के शुरुआती 2 दिनों में ज्यादा समय तक बैठने के कारण भी हमे क्रेम्पस होने की समस्या होने लगती है, जोकि आपका बहुत पीड़ा दायक हो सकता | इसलिए हो सके तो आपको मासिक धर्म के शुरुआती 2 से 3 दिनों तक एक जगह पर ज्यादा समय तक नहीं बैठना है | आपको आराम करने की जरूरत तो है लेकिन आराम करने के लिए आप पीरियड के दौरान कैसे बैठना चाहिए या कैसे सोना चाहिए ? इस बारे में खयाल रखना बहुत आवश्यक है |

यह थी मासिक धर्म के दौरान पूजा करना चाहिए, या नहीं ? और करना चाहिए तो कैसे करना चाहिए ? इसकी जानकारी |

यदि आपके मन में अनेक प्रकार के सवाल आ रहे हैं, तो आप हमें नीचे कमेंट में लिख कर पूछ सकते हैं |

जानिए –

क्या पीरियड में व्रत रखना चाहिए या नहीं ?

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