महीने में दो बार पीरियड आना मतलब क्या होता है ?

ek mahine mein 2 bar period aana
ek mahine mein 2 bar period aana

महीने में दो बार पीरियड आना बहुत चिंताजनक विषय है | महिलाओं की माहवारी यानी कि पीरियड आमतौर पर महीने में एक ही बार आते हैं |  इसी दौरान महिला को पीरियड की पीड़ा से गुजरना पड़ता है | आम तौर पर हर महिला का मासिक धर्म का चक्र 28 से 35 दिनों का होता है |

वैसे देखा जाए तो कम से कम 24 दिन और ज्यादा से ज्यादा 38 दिन का पीरियड  चक्र होना चल सकता है |  यदि किसी महिला का पीरियड का चक्र कम समय का है, तो उसे महीने में दो बार पीरियड आ सकते हैं | साल में एक दो बार होना यह चल सकता है, लेकिन यदि किसी महिला को बार बार महीने में दो बार पीरियड आ रहे हैं तो यह बहुत चिंता का विषय है |

आइए जानते हैं,

महिला का पीरियड दो बार आने का कारण क्या हो सकता है ?

पीरियड दो बार आने का कारण
पीरियड दो बार आने का कारण

कभी कबार हो सकता है :

वैसे देखा जाए तो साल में एक दो बार महीने में दो बार पीरियड आ रहे हैं तो बिल्कुल चिंता का विषय नहीं है, अक्सर यह  पीरियड्स में ब्लीडिंग कम होने की वजह से होता है | यदि आपको ऐसा महसूस हो रहा है कि आपको बार बार महीने में 1 से ज्यादा पीरियड हो रहे हैं, तो आपको डॉक्टर की सलाह लेनी जरूरी होती है |

कम उम्र की वजह से :

देखा जाए तो जब लड़की के पीरियड आने शुरू हो जाते हैं, तब उसे शुरुआती दिनों में अनियमित मासिक धर्म का सामना करना पड़ता है |  अनियमित मासिक धर्म के कारण उसका पीरियड जल्दी भी आ सकता है और 2 दिन 3 महीने नहीं आता है |

पीरियड आने के शुरूआती 2 साल तक यह होना कोई बड़ी बात नहीं है |  लेकिन 2 साल के ऊपर होने के बाद भी आपके पीरियड महीने में दो बार आ रहे हैं तो आपको डॉक्टर की सलाह लेनी जरूरी है |

ऑक्सफर्ड के एक रिसर्च में ऐसा पाया गया है कि, जब लड़की का पीरियड आना शुरू हो जाता है तब यह 6 साल तक नियमित होने के लिए ले सकता है |  लेकिन फिर भी आपको 2 साल होने के बाद डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए |

एंडोमेट्रियोसिस की वजह से :

जब लड़की के शरीर में गर्भाशय के ऊपरी परत आना शुरू हो जाता है तब वह पीरियड के रूप में बाहर निकलता है |  यदि गर्भाशय के अलावा अगर यह कोशिकाये शरीर में किसी अन्य जगह पर बढ़ रही है, तो इसे एंडोमेट्राइटिस कहा जाता है |

एंडोमेट्रियोसिस की वजह से मासिक धर्म के दौरान बहुत पीड़ा सहनी पड़ती है, इसी वजह से अनियमित मासिक धर्म की समस्या भी होती है |  कई लड़कियों में ऐसा पाया गया है कि एंडोमेट्रियोसिस की वजह से उन्हें महीने में दो बार पीरियड आ रहे हैं | इस समय पर आपको डॉक्टर से अल्ट्रासाउंड की अपने  एंडोमेट्रियोसिस का इलाज करवाना चाहिए |

वैसे देखा जाए तो लेप्रोस्कोपी  की सर्जरी करने के बाद भी आप इसका इलाज कर सकते हो |

मेनोपॉज नजदीक है तो :

जब महिला का मेनोपॉज का समय नजदीक आने लगता है उसके शरीर में हारमोंस बदलाव बहुत ज्यादा पाए जाते हैं |  मेनोपॉज आने के 10 साल पहले से यह समस्या शुरू हो जाती है | इस दौरान महिला का मासिक धर्म खुलकर नहीं आता है और उसे अनियमित मासिक धर्म की समस्या होती है |  अकसर मेनोपॉज नजदीक आने से पहले महिलाओं को महीने में दो बार पीरियड होने की शिकायत होती है |

थायराइड की समस्या के  कारण :

अनियमित मासिक धर्म थायराइड की समस्या के कारण भी होता है | अमेरिका की हेल्थ एंड ह्यूमन ऑर्गेनाइजेशन इस बात की पुष्टि की है कि, 8 महिला में से एक महिला को अपने जीवन में कभी ना कभी थायराइड की समस्या होती ही है |  इसलिए हम इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि 8 में से 1 महिलाओं को महीने में दो बार पीरियड आने की समस्या हो सकती  है |

किसी चीज का तनाव लेने की वजह से :

1 महीने में दूसरी बार पीरियड आने का सबसे बड़ा कारण तनाव हो सकता है, क्योंकि आज के समय में महिलाओं के जीवन में तनाव भरा काम बढ़ गया है और इसी की वजह से उनका अनियमित मासिक धर्म  तनाव हार्मोन की वजह से शुरू हो जाता है |

अचानक से वजन में बदलाव होना :

यदि किसी महिला का अचानक से वजन बढ़ रहा है या अचानक से वजन घट  रहा है, तो उस महिला को अनियमित मासिक धर्म की समस्या होती है | मोटापे की समस्या की वजह से महीने में दो बार पीरियड आ सकते हैं |

गर्भनिरोधक गोली का अधिक मात्रा में सेवन :

शादी होने के बाद  ज्यादातर कपल्स को जल्दी बच्चा पैदा नहीं करना होता है,  इसलिए वह गर्भनिरोधक गोली का सेवन औरत को करने के लिए कहते हैं |  गर्भनिरोधक गोली जैसे कि आईपीएल , अनवांटेड 72 या अन्य गोली का सेवन  करने की वजह से अनियमित मासिक धर्म की समस्या होती है |

गर्भनिरोधक गोली का सेवन करने से महिला के शरीर का अंडा से कमजोर होता है और इसी वजह से गर्भनिरोधक गोली का सेवन करने से उन्हें ज्यादा रक्तस्राव होने लगता है और कई बार इसी समस्या के कारण महीने में दो बार पीरियड आने की समस्या होती है |

यौन संक्रमण होने की वजह से :

महिला की योनि में सूजन आना या योनि में रुखापन आने की वजह से भी महिला के योनि में गीलापन रहता है और इससे उन्हें फंगल इनफेक्शन या बैक्टीरिया इन्फेक्शन का सामना करना पड़ता है |  इसी इन्फेक्शन के कारण उन्हें महीने में दो बार पीरियड आने की समस्या होती है | अगर आपको ऐसा लग रहा है कि आप के यौन अंगों में फंगल इनफेक्शन या किसी अन्य इंफेक्शन से प्रभावित हुआ है तो आप डॉक्टर की सलाह से इसका इलाज कर ले |

महीने में दो बार पीरियड को आने से कैसे रोके ?

महीने में दो बार पीरियड
महीने में दो बार पीरियड

यदि आप महीने में सिर्फ एक ही बार मासिक धर्म चाहती हो तो आपको अपने सेहत की तरफ ध्यान रखना बहुत जरुरी होता  है | ऊपर हमने कुछ महीने में दो बार पीरियड आने के कारण बताएं है यदि आप उन कारणों को आसान से सामना कर सकती हो, तो आपको बार बार पीरियड आने की समस्या नहीं होगी |

अब हम जानते हैं,

महीने में दो बार पीरियड आने से बचने के टिप्स :

महीने में दो बार पीरियड आने से बचने के टिप्स
महीने में दो बार पीरियड आने से बचने के टिप्स
  • अधिक मात्रा में एक्सरसाइज नहीं करना चाहिए |
  • जितना हो सके उतना पानी का सेवन करते रहे |
  • अपने नियमित जीवन शैली को अच्छे से समझ कर अपनी सेहत पर ध्यान रखें |
  • जल्दबाजी में किसी काम को करने का प्रयास नहीं करें |
  • अनियमित मासिक धर्म का इलाज करवा ले |
  • पीरियड के दौरान खून कम निकलने की समस्या से राहत पाना बहुत जरूरी है |
  • पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम का प्रभाव होगा तो इसका इलाज करवा ले |
  • फंगल इनफेक्शन यौन अंग पर दिखाई दे रहा है तो इसका इलाज करवाना जरूरी है |
  • थायराइड की समस्या के लिए थायराइड का इलाज करने की दवा ले |
  • पीरियड के शुरुआती दिनों में अपनी मां से सलाह ले |

तो दोस्तों यह थी मासिक धर्म महीने में दो बार आने की समस्या से छुटकारा पाने का इलाज  | यदि आपके मन में  किसी भी प्रकार का सवाल है, तो आप नीचे कमेंट में पूछ सकते हैं |

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