पीरियड में स्तनों में दर्द होने पर क्या करे ? जानिए

पीरियड में स्तनों में दर्द
पीरियड में स्तनों में दर्द

बहुत सारी लड़कियों को पीरियड में स्तनों में दर्द होने की समस्या होती रहती है, अक्सर यह समस्या पीरियड आने के पहले और पीरियड आने के बाद होती है | वैसे देखा जाए तो महिलाओं के जीवन में पीरियड बहुत बड़ी समस्या होती है ऐसा उन्हें लगता है | लेकिन देखा जाए तो पीरियड आने की वजह से उनके शरीर में बने हुए अंडे परिपक्व कर बाहर निकलते हैं और यह शरीर में जमा हुआ गंदा खून बाहर निकालते हैं |

मासिक धर्म के दौरान लड़कियों को बहुत पीड़ा का सामना करना पड़ता है और इसमें स्तनों में दर्द होने लगता है, तो उन्हें यह दर्द सहा नहीं जाता है | इसलिए लड़किया अक्सर परेशान रहती है, इसलिए हमारा आज का विशेष मुद्दा है पीरियड में स्तनों में दर्द क्यों होता है और इसका इलाज कैसे किया जाता है ?

मासिक धर्म में स्तनों में दर्द होने का कारण क्या है ?

मासिक धर्म में स्तनों में दर्द
मासिक धर्म में स्तनों में दर्द

जैसे कि हमने आपको पहले ही बताया कई सारी लड़कियों को मासिक धर्म के दौरान अपने चेस्ट में पेन होने लगता है, यानी कि स्तनों में दर्द होने की समस्या होती है, आमतौर पर यह एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन में कमी आने की वजह से होने लगता है | और यह महिलाओं की मासिक धर्म आने के लिए बहुत जरूरी होता है |

कई सारी लड़कियों को पीरियड आने के शुरुआती दिनों में स्तनों में दर्द होने लगता है तो कई सारी लड़कियां जैसे जैसे बड़ी होती जाती है वैसे वैसे दर्द होता ही रहता है | कई लड़कियों का यह दर्द होना कुछ साल बाद बंद हो जाता है तो कई लड़कियों का यह दर्द जब तुम उसका मेनोपॉज नहीं आ जाता तब तक चालू रहता है |

पीरियड आने से १ या २ दिन पहले आमतौर पर चेस्ट पैन होता है, एनसिबिआय ने इस बात की पुष्टि की है |  देखा जाए तो यह बिल्कुल नॉर्मल है इससे आपको कोई खतरा नहीं है | बस आपको कुछ चीजों का ख्याल रखना चाहिए जिससे कि आपको मासिक धर्म के दौरान चेस्ट पेन से राहत मिल सकती है |

यदि आपको स्तनों का दर्द को काम करना है तो आपको अपने खान-पान की तरफ विशेष ध्यान देना बहुत जरूरी है, हो सके तो आप नमक, शक्कर, कैफ़ीन और डेरी उत्पादन को कम मात्रा में लेकर से कम कर सकते हो | यदि आप पीरियड आने से पहले अच्छी सपोर्टिव ब्रा खरीदते हो तो आपको इससे राहत मिलेगी |

नियमित तरीके से एक्सरसाइज करने की वजह से भी आप अपने स्तनों में होने वाले दर्द को कम कर सकते हो |

क्या पीरियड आने से पहले स्तनों में दर्द होना यह गर्भावस्था का लक्षण है ?

पीरियड आने से पहले स्तनों में दर्द
पीरियड आने से पहले स्तनों में दर्द

वैसे देखा जाए तो स्तनों में दर्द होना यह शरीर में हार्मोन मतलब वजह से होता है और अक्सर इसे प्रेगनेंसी का लक्षण भी माना गया है | यदि आपको ऐसा लग रहा है कि आपके स्तनों में दर्द हो रहा है और आपके पीरियड में सही समय पर नहीं आ रहे हैं तो बाप को प्रेगनेंसी टेस्ट करवा लेना सबसे बढ़िया होता है |

इससे आप गर्भवती हो या नहीं इस बात का पता आपको तुरंत चल जाता है | बस आपको इस बात का ख्याल रखना है कि पीरियड्स आने की तारीख के 10 दिनों के बाद ही आपको सुबह के पहले यूरिन से यह टेस्ट करवा लेनी है | ऐसा करने से ही आपको इससे सही जानकारी मिल सकती है |

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पीरियड में ब्रेस्ट पेन का इलाज कैसे किया जा सकता है ?

पीरियड में ब्रेस्ट पेन का इलाज
पीरियड में ब्रेस्ट पेन का इलाज

यदि आपको हर महीने स्तनों में दर्द की समस्या हो रही है तब आपको मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द को अच्छे से समझना चाहिए | यह दर्द क्यों हो रहा है यह जानकर आप इसका इलाज कर सकते हो |

डॉक्टर की सलाह ले :

यदि आपको मात्रा में स्तनों में दर्द हो रहा है तब आपको डॉक्टर की सलाह लेनी बहुत ही जरूरी होती है | एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन की मात्रा बढ़ाने के लिए डॉक्टर आपको अच्छी विटामिन की टेबलेट सुझाव देंगे जिससे आपका मासिक धर्म के दौरान स्तनों का दर्द की समस्या दूर होगी |

आमतौर पर इस दर्द को गोली से खत्म करने के लिए डॉक्टर आपको इबुप्रोफेन टेबलेट का सेवन करने की सलाह देंगे | लेकिन आपको इस दवाई को डॉक्टर की अनुमति से ही लेना चाहिए | इबुप्रोफेन की वजह से आपके हार्मोन में संतुलन आप पा सकते हो |

सपोर्टेड ब्रा को पहने :

मासिक धर्म के दौरान चेस्ट में होने वाले दर्द को कम करने के लिए आपको सपोर्टिव ब्रा का इस्तेमाल करना चाहिए | सपोर्ट ब्रा का इस्तेमाल करने से मासिक धर्म के दौरान आपके स्तनों की नसों को आराम मिलता है | चेस्ट की नसों में खिंचाव आने की वजह से यह चेस्ट पेन होता रहता है |

पेन रिलीवर का इस्तेमाल करें :

मासिक धर्म में स्तनों के दर से राहत पाने के लिए आप पेन किलर जैसे कि इबुप्रोफेन और एस्पिरिन का सेवन डॉक्टर की अनुमति से कर सकते हो | इन टेबलेट में caffain ना होने की वजह से यह गोलियां जल्दी राहत दिलाती है |

अधिक मात्रा में पानी पीना चाहिए :

शरीर में संतुलन बनाए रखने के लिए आपको शरीर स्वस्थ होना जरूरी होता है, और शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आप को हाइड्रेट रहना बहुत जरूरी होता है | हाइड्रेटेड रहने के लिए आपको अपने शरीर में पानी की मात्रा अधिक रखनी पड़ती है | इसलिए जितना हो सके उतना आपको पानी का अधिक सेवन करना है | अपने रोजमर्रा के खानपान में आपको नमक का इस्तेमाल कम ही करना है |

वजन कम करना रहेगा फायदेमंद :

अक्सर वजन बढ़ने की वजह से भी मासिक धर्म के दौरान स्तनों में दर्द होने लगता है इसलिए 2 से 3 पाउंड वजन कम करने की वजह से भी आप अपने स्तनों का दर्द कम कर सकते हैं | अक्सर वजन बढ़ने की वजह से लड़कियों के स्तनों पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है |

खानपान की तरफ ध्यान देना है जरूरी :

ज्यादातर महिलाएं अपने खानपान की तरफ अच्छे से ध्यान ना देती है और इसी वजह से उन्हें अच्छा डाइट नहीं मिल पाता | पीरियड के दौरान अच्छा खाना खाने की वजह से मासिक धर्म का दर्द कम होता है यह पता ही है | मासिक धर्म के दौरान अपनी डाइट में हाई फाइबर युक्त पदार्थों का सेवन करना चाहिए और कम मात्रा में फैट वाले खाने का सेवन करना चाहिए |

शरीर में विटामिन का संतुलन बनाए रखें :

पीरियड के दौरान स्तनों में दर्द होना यह हारमोंस बदलाव की वजह से होता है और यदि आप अपने शरीर में अपने हार्मोन संतुलन कर पाते हो तो आपको स्तनों में दर्द से छुटकारा पाने में मदद मिलेगी | हो सके तो आपको प्रिमरोज ऑयल का इस्तेमाल करके विटामिन ई की मात्रा को अपने शरीर में बढ़ाना चाहिए | विटामिन ई और विटामिन बी सिक्स की वजह से आप अपने स्तनों का दर्द कम कर सकते हो और मेनोपॉज के दौरान जो संकेत आपको मिलते हैं उन्हें भी आप जान सकते हो | लेकिन हो सके तो आपको डॉक्टर की अनुमति के अलावा इसका सेवन नहीं करना है |

अपने आप को स्वस्थ रखें :

अक्सर तनाव आने की वजह से भी महिलाओं में स्तनों में दर्द होने लगता है और यदि आप नियमित तरीके से योग और एक्सरसाइज करते हो तो आपको तनाव से भी मुक्ति मिलती है और अपने चेस्ट पेन से भी छुटकारा मिलता है |

दोस्तों यह थी पीरियड्स के दौरान स्तनों में दर्द की जानकारी | ऐसे देखा जाए तो पीरियड के दौरान स्तनों में दर्द होने की वजह से महिलाओं की जिंदगी में बहुत सारी परेशानियां बढ़ जाती है |

इसी पीरियड के पेन के दौरान यदि उन्हें कोई काम करना होता है तो उनका काम करने में मन नहीं लगता है इसके कारण उनकी प्रोडक्टिविटी में कमी आती है | इसलिए जितना हो सके उतना आपको डॉक्टर की सलाह लेनी आवश्यक है |

पीरियड में सिर दर्द की समस्या का इलाज कैसे करे ?

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